• Home
  • Blogs
  • एग्जिट पोल में NDA को बहुमत का अनुमान, महागठबंधन पिछड़ता नजर आया

एग्जिट पोल में NDA को बहुमत का अनुमान, महागठबंधन पिछड़ता नजर आया

Bihar-Exit-Poll

बिहार विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान खत्म होते ही मंगलवार शाम एग्जिट पोल के नतीजे आ गए हैं। 17 एजेंसियों के पोल ऑफ पोल्स के अनुसार, NDA को साफ बहुमत मिलता दिख रहा है, जबकि महागठबंधन पिछड़ता नजर आ रहा है।


NDA आगे, महागठबंधन को झटका

एग्जिट पोल के अनुसार बिहार की 243 सीटों में से
NDA को 154 सीटें मिलने का अनुमान,
महागठबंधन को 83 सीटें,
और अन्य को 5 सीटें मिल सकती हैं।

पिछले चुनाव में NDA के पास 125 और महागठबंधन के पास 110 सीटें थीं। यानी इस बार NDA को लगभग 29 सीटों का फायदा और विपक्ष को 27 सीटों का नुकसान दिख रहा है।


BJP सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है

एग्जिट पोल के मुताबिक:

  • BJP: 72-82 सीटें
  • JDU: 59-68 सीटें
  • LJP: 4-5 सीटें
  • HAM: 5 सीटें
  • RJD: 51-63 सीटें
  • कांग्रेस: 12-15 सीटें
  • वाम दल: 6-9 सीटें

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को केवल 3-5 सीटें मिलने का अनुमान है।


वोटिंग प्रतिशत और नतीजों की तारीख

  • पहले चरण में मतदान: 65%
  • दूसरे चरण में रिकॉर्ड: 68.5%
    14 नवंबर को आएंगे नतीजे

पिछले चुनावों में एग्जिट पोल गलत साबित

2015 और 2020 दोनों चुनावों में ज्यादातर एग्जिट पोल्स असली नतीजों से उलट साबित हुए थे।
इस बार भी राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं — “अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।”


क्यों गलत होते हैं बिहार के एग्जिट पोल?

विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में एग्जिट पोल्स की सटीकता चार कारणों से प्रभावित होती है:

  1. माइग्रेंट वोटर्स – बाहर काम करने वाले लोगों का सैंपल में शामिल न होना।
  2. जातीय समीकरण – वोटिंग पैटर्न बेहद जटिल।
  3. साइलेंट वोटर्स – कई लोग अपनी पसंद नहीं बताते।
  4. महिला वोटर्स का असर – महिलाएं खुलकर राय नहीं देतीं, जबकि उनका टर्नआउट पुरुषों से ज़्यादा होता है।

नीतीश और तेजस्वी – कौन बनेगा सीएम?

NDA ने नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया है।
वहीं, महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव युवा नेतृत्व और परिवर्तन का चेहरा बनकर चुनाव मैदान में हैं।


भास्कर एग्जिट पोल में भी NDA को बहुमत

दैनिक भास्कर रिपोर्टर्स पोल के अनुसार —
NDA को 145-160 सीटें
महागठबंधन को 73-91 सीटें
अन्य को 5-10 सीटें मिल सकती हैं।


नतीजों पर टिकी निगाहें

अब पूरे बिहार की निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि एग्जिट पोल्स सही निकले या फिर एक बार फिर इतिहास दोहराया जाएगा।

YOU MAY LIKE THIS

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top