इंदौर: यौन अपराधों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई को जारी रखते हुए, इंदौर जिला कोर्ट ने मासूम बच्चियों से दुष्कर्म और अश्लील हरकतें करने वाले एक 52 वर्षीय किराना दुकानदार को दोहरे आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है।

यह मामला तब सामने आया जब आरोपी, अपनी दुकान पर चॉकलेट का लालच देकर बच्चियों को बुलाता था, उन्हें मोबाइल पर गंदे वीडियो दिखाता था और उनके साथ अश्लील हरकतें करता था।
दो बच्चियों के साथ गंभीर अपराध
कोर्ट ने आरोपी को दो अलग-अलग मामलों में दोषी पाया है:
- 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म (रेप)।
- 12 वर्षीय बच्ची के साथ अश्लील हरकतें (छेड़छाड़)।
विशेष लोक अभियोजक प्रीति अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में दोनों बच्चियों और उनके माता-पिता के बयान के साथ-साथ फोरेंसिक साक्ष्य (मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूत) बेहद मजबूत साबित हुए, जिससे कोर्ट को दोषी को सजा देने में मदद मिली।
मासूमों की गवाही बनी मजबूत आधार
सुनवाई के दौरान दोनों बच्चियों ने बहादुरी से अपने साथ हुई आपबीती कोर्ट को बताई। उन्होंने खुलासा किया कि दुकानदार अंकल उन्हें जान से मारने की धमकी देता था, जिसके कारण वे डर के मारे पहले किसी को कुछ नहीं बता पाई थीं।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने एक बच्ची से रेप और दूसरी से अश्लील हरकतें करने जैसा गंभीर अपराध किया है, और ऐसे आरोपी को न्यूनतम दंड देना न्यायसंगत नहीं होगा। इसी आधार पर उसे दोहरे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया।
कठोर दंड और मुआवजा
कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, आरोपी को निम्नलिखित दंड भी दिए गए हैं:
- 10 साल का सश्रम कारावास (धारा 9(l)/10 पॉक्सो एक्ट)।
- 3 वर्ष का सश्रम कारावास (धारा 67(बी) आईटी एक्ट)।
- अन्य धाराओं में एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास और कुल ₹28,500 का अर्थदंड।
साथ ही, कोर्ट ने रेप पीड़िता बच्ची को उसकी शारीरिक और मानसिक क्षति के लिए ₹3 लाख का मुआवजा देने की भी अनुशंसा की है।



















