नौगाम ब्लास्ट का अवलोकन (Overview of the Nowgam Blast Incident)
श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात, 14 नवंबर 2025 को एक भीषण नौगाम ब्लास्ट हुआ। अधिकारियों ने इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण आकस्मिक विस्फोट” करार दिया है, जिसमें 9 लोग शहीद हो गए और 32 अन्य घायल हो गए। इस नौगाम ब्लास्ट के पीड़ितों में पुलिसकर्मी, राज्य जांच एजेंसी (SIA), फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और राजस्व विभाग के कर्मी शामिल थे।
यह नौगाम ब्लास्ट तब हुआ जब एक संयुक्त टीम पुलिस स्टेशन परिसर के भीतर रखे गए विस्फोटक पदार्थों और रसायनों के विशाल जखीरे का नमूना लेने और उसकी फोरेंसिक जाँच कर रही थी।

विस्फोटक सामग्री और आतंकी संबंध
आतंकी मॉड्यूल जांच से संबंध
विस्फोट करने वाली सामग्री उस बड़े जखीरे का हिस्सा थी, जिसे हाल ही में एक “सफेदपोश” आतंकी मॉड्यूल के संबंध में जब्त किया गया था। इस जखीरे में सैकड़ों किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जैसे अत्यधिक अस्थिर रसायन शामिल थे। सामग्री की विशाल मात्रा के कारण, इसकी सैंपलिंग की अनिवार्य प्रक्रिया पिछले दो दिनों से जारी थी, जिसके दौरान यह दुखद नौगाम ब्लास्ट हुआ।
आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच
MHA और DGP का बयान
गृह मंत्रालय (MHA) और J&K के DGP ने नौगाम ब्लास्ट के किसी भी आतंकवादी एंगल को सिरे से खारिज करते हुए, इसे विस्फोटक पदार्थों की अस्थिर प्रकृति के कारण हुई एक दुर्घटना बताया है।
MHA के संयुक्त सचिव ने कहा, “नौगाम ब्लास्ट एक दुर्भाग्यपूर्ण आकस्मिक घटना थी। दुर्घटना का कारण जांच के अधीन है, किसी भी तरह की अटकलें अनावश्यक हैं।”

फारूक अब्दुल्ला की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने नौगाम ब्लास्ट के बाद विस्फोटक हैंडलिंग पर गंभीर सवाल उठाए हैं और गहन जांच की मांग की है।
नौगाम ब्लास्ट का प्रभाव
यह नौगाम ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि पुलिस स्टेशन की इमारत मलबे में तब्दील हो गई, और इसकी धमक पूरे श्रीनगर क्षेत्र में महसूस की गई। सरकार ने शहीदों के परिवारों के लिए ₹10 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

















