कटनी में 14 साल के आर्यन मिश्रा ने जैसे ही फ्रिज का डोर खोला, धमाका हो गया। ब्लास्ट से उसका चेहरा क्षत-विक्षत हो गया। तेज आवाज सुनकर मां दौड़कर उसके पास पहुंची। बेटे को खून से लथपथ पड़ा देख वह भी बेहोश हो गई।
पड़ोसी बच्चे को आनन-फानन में एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर हालत देखकर डॉक्टरों ने उसे जबलपुर रेफर कर दिया। इसके बाद बच्चे को जबलपुर के दमोह नाका स्थित बड़ेरिया मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पता लगा कि उसके चेहरे की हडि्डयां 108 जगह से क्रेक हो चुकी थीं।
जिस स्थिति में बच्चे को हॉस्पिटल लाया गया था, डॉक्टर्स का मानना है कि उस स्थिति में जान बचाना मुश्किल था। विशेषज्ञों की टीम ने लगातार ढाई घंटे ऑपरेशन किया। तब जाकर उसकी जान बच सकी।
घटना 5 नवंबर की है। 8 नवंबर को आर्यन की सेहत में थोड़ा सुधार आया। डॉक्टरों का कहना है कि उसे अब वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। जल्द ही वह बोलने भी लगेगा।

मां कमरे से निकली तो बेटा बेहोश पड़ा था 5 नवंबर को आर्यन मिश्रा मां के साथ घर पर बैठा हुआ था। मां काम करने के बाद थक गई थी। वह कमरे में जाकर आराम करने लगी। तभी अचानक शाम करीब 5.30 बजे तेज धमाका हुआ। मां को लगा कि कहीं पर बम फटा होगा। जैसे ही वह कमरे से बाहर निकली तो देखा कि आर्यन फ्रिज के पास बेहोश पड़ा है। उसका पूरा मुंह फट गया है।
यह देखते ही मां भी बेहोश हो गई। इस बीच धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी घर पहुंचे। उन्होंने देखा कि कमरे में मां-बेटे बेहोश पड़े हुए हैं। वे बच्चे को तुरंत कटनी के एक निजी अस्पताल लेकर दौड़े। इस दौरान मध्य प्रदेश पुलिस में एएसआई पिता को सूचना दी गई।
बच्चे का पूरा चेहरा फट चुका था आर्यन को कटनी के निजी अस्पताल में ले जाया गया तो उसे देखते ही डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए। बच्चे का पूरा चेहरा फट चुका था। डॉक्टरों ने सलाह दी कि बच्चे की हालत गंभीर है, उसे जबलपुर लेकर जाइए।
डेढ़ घंटे के भीतर बच्चे को एम्बुलेंस से दमोह नाका स्थित मेट्रो अस्पताल लाया गया। यहां ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. राहुल चतुर्वेदी ने बच्चे को वेंटिलेटर लगाने के साथ प्लास्टिक सर्जरी की टीम के साथ मिलकर ऑपरेशन किया।
डॉक्टर के मुताबिक, चेहरे की करीब 108 हड्डियों में क्रेक आ गया था। जिन्हें प्लेट लगाकर ठीक किया है। अब बच्चे की हालत खतरे से बाहर है।

















