पचमढ़ी/नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर और विस्फोटक आरोप लगाए हैं। मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में पार्टी के संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करने पहुँचे राहुल गांधी ने दावा किया कि बीजेपी और चुनाव आयोग (EC) मिलकर ‘वोट चोरी’ कर रहे हैं और देश के लोकतंत्र की बुनियाद पर हमला किया जा रहा है।

पचमढ़ी से बड़ा राजनीतिक प्रहार
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वह मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में कांग्रेस जिला अध्यक्षों के एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेताओं की ‘परिक्रमा’ से दूर रहने और सीधे संगठन को मज़बूत करने का संदेश दिया।
लेकिन इस दौरे का मुख्य केंद्र रहा उनका राजनीतिक हमला। राहुल गांधी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया:
“बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। वोट चोरी को ‘SIR’ (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के ज़रिए कवर अप किया जा रहा है। ये हमारे संविधान के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला है।”

SIR प्रणाली पर उठे सवाल
राहुल गांधी का मुख्य निशाना चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision – SIR) है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रणाली का उपयोग करके बड़े पैमाने पर ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं जो कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन (INDIA) के समर्थक थे, जबकि बीजेपी को फायदा पहुँचाने के लिए फ़र्ज़ी (duplicate) वोटर्स को सूची में बनाए रखा गया।
- हरियाणा में चोरी का दावा: उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए हरियाणा विधानसभा चुनावों में 25 लाख फ़र्ज़ी वोटों के ज़रिए कांग्रेस की जीत को हार में बदलने का सनसनीखेज दावा किया।
- अधिकारियों को चेतावनी: राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों का नाम लेते हुए कड़ी चेतावनी दी कि “जिन्हें मताधिकार का पहरेदार बनाया गया था, वही आपके भविष्य की चोरी में साझेदार बन रहे हैं।”
बीजेपी और चुनाव आयोग का कड़ा पलटवार
राहुल गांधी के इस सनसनीखेज आरोप पर बीजेपी और चुनाव आयोग दोनों ने कड़ा पलटवार किया है:
- बीजेपी का जवाब: केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के आरोपों को ‘झूठ का रिसर्च सेंटर’ और हार से बचने का हथकंडा बताया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमज़ोरियों को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है।
- चुनाव आयोग की टिप्पणी: चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए खारिज़ कर दिया। आयोग ने कहा कि SIR प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ चल रही है और कांग्रेस को सबूत पेश करने की चुनौती दी गई है।
निष्कर्ष यह है कि राहुल गांधी का यह हमला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में तो जोश भर रहा है, लेकिन इसने देश की सर्वोच्च चुनावी संस्था को सीधे कटघरे में खड़ा करके एक बड़ा संवैधानिक विवाद पैदा कर दिया है।


















