सोने में निवेश का आकर्षण बढ़ा — गोल्ड ETF बना नया पसंदीदा विकल्प
सोने की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय निवेशकों का रुझान गोल्ड ETF की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अक्टूबर 2025 में गोल्ड ETF में ₹7,500 करोड़ (850 मिलियन डॉलर) का निवेश दर्ज हुआ है। यह लगातार पांचवां महीना है जब निवेशकों ने ETF में धन लगाया है।

निवेश का रिकॉर्ड
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में अब तक ₹25,500 करोड़ (3.05 बिलियन डॉलर) का कुल निवेश गोल्ड ETF में हुआ है — जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
- अक्टूबर में निवेश: ₹7,500 करोड़
- सितंबर में निवेश: ₹8,075 करोड़
- कुल AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट): $11.3 बिलियन (~₹1 लाख करोड़)
ग्लोबल रैंकिंग में भारत तीसरे स्थान पर
अक्टूबर में गोल्ड ETF निवेश के मामले में भारत तीसरे नंबर पर रहा।
- अमेरिका: $6.33 बिलियन (₹56,000 करोड़)
- चीन: $4.51 बिलियन (₹40,000 करोड़)
- भारत: $0.85 बिलियन (₹7,500 करोड़)
रिटर्न: एक साल में 56% तक का फायदा
पिछले एक साल में गोल्ड ETF ने 56% तक का रिटर्न दिया है।
2025 में अब तक सोने की कीमत ₹43,938 बढ़कर ₹1,20,100 प्रति 10 ग्राम हो गई है।
इस बढ़त ने ETF निवेशकों को शानदार मुनाफा दिया है।
गोल्ड ETF क्या है?
गोल्ड ETF यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड — जो सोने की कीमतों पर आधारित होता है।
एक यूनिट = 1 ग्राम सोना (99.5% शुद्धता)।
आप इसे BSE या NSE पर शेयर की तरह खरीद-बेच सकते हैं, बिना फिजिकल गोल्ड रखे।
गोल्ड ETF में निवेश के 5 प्रमुख फायदे
- कम मात्रा में निवेश:
आप 1 ग्राम से निवेश शुरू कर सकते हैं या SIP के जरिए धीरे-धीरे खरीद सकते हैं। - शुद्ध सोने की गारंटी:
गोल्ड ETF 99.5% प्योर सोना होता है, जबकि फिजिकल गोल्ड की शुद्धता ज्वेलर पर निर्भर करती है। - कोई मेकिंग चार्ज नहीं:
इसमें केवल 1% ब्रोकरेज और सालाना मैनेजमेंट चार्ज होता है, जबकि फिजिकल गोल्ड पर 8–30% तक मेकिंग चार्ज देना पड़ता है। - सुरक्षित निवेश:
आपका सोना डीमैट अकाउंट में सुरक्षित रहता है, चोरी या नुकसान का डर नहीं रहता। - आसान खरीद-बिक्री और लोन सुविधा:
गोल्ड ETF को सेकंड्स में बेचा या गिरवी रखा जा सकता है।
गोल्ड ETF में कैसे निवेश करें?
- किसी SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलें।
- NSE या BSE पर उपलब्ध गोल्ड ETF यूनिट्स खरीदें।
- दो दिन में यूनिट्स आपके अकाउंट में क्रेडिट हो जाते हैं।
- चाहे तो बाद में इन्हें बेचकर कैश निकाल सकते हैं।
एक्सपर्ट सलाह: सीमित निवेश रखें
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने में निवेश जरूरी है लेकिन सीमित मात्रा में।
कुल पोर्टफोलियो का 10–15% हिस्सा ही गोल्ड ETF में लगाएं।
यह संकट के समय पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है, लेकिन लंबी अवधि के लिए ज्यादा रिटर्न नहीं देता।
निष्कर्ष:
अक्टूबर में गोल्ड ETF में हुआ ₹7,500 करोड़ का निवेश यह दर्शाता है कि भारतीय निवेशक अब सोने को सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि एक स्मार्ट निवेश विकल्प के रूप में देखने लगे हैं। बढ़ती रिटर्न दर और सुरक्षा इसे शेयर बाजार के बाद अगला बड़ा निवेश ट्रेंड बना रही है।

















